मूवी का आखिरी सीन: शिनचान टीवी पर एक्शन कमिक देख रहा है, गधा हिला रहा है, और कह रहा है –
लेकिन असली हीरो है – । जी हाँ, जब वह अपने अंदाज में थिरकता है, तो उसकी तरंगों से तांत्रिक का काला जादू निष्क्रिय हो जाता है। (हाँ, इस मूवी का साइंस बहुत स्ट्रांग है!) अध्याय 4: शिनचान का अकेला सफर बीच मूवी में एक इमोशनल सीन है। तांत्रिक शिनचान को अकेले में बुलाता है और कहता है, "अगर तू अपनी दोस्तों की यादें मुझे दे दे, तो मैं तेरी मम्मी-पापा को छोड़ दूंगा।" Shinchan Movie Masala Story In Hindi
इसी बीच, कसुकाबे में कुछ अजीब होने लगता है। लोग रातों-रात गायब हो जाते हैं। सब्जी मंडी में शिमला मिर्च की कीमतें तो ठीक हैं, लेकिन लोग अपनी याददाश्त खो बैठते हैं। मित्ज़ी (शिनचान की माँ) सुबह उठकर भूल जाती है कि शिनचान उसका बेटा है और उसे "बच्चा संभालने वाली मशीन" समझने लगती है! असली ट्विस्ट तब आता है जब एक रहस्यमयी तांत्रिक बाबा "डॉ. चक्रचूड़ामणि" कसुकाबे में डेरा डालता है। उसका ऐलान है – "मैं इस पूरी दुनिया को अपने तांत्रिक जाल में फंसाऊंगा और सबको भूलने की बीमारी दे दूंगा।" उसका लक्ष्य है कसुकाबे का प्राचीन "हस्सी मंदिर", जहां से उसे असीमित शक्ति मिलती है। गधा हिला रहा है
नमस्ते दोस्तों! अगर आप शिनचान के बिना अपनी कल्पना नहीं कर सकते, तो ये ब्लॉग पोस्ट आपके लिए ही है। आज हम बात करेंगे उस शिनचान मूवी की, जहां हमारा प्यारा सा शैतान (जिसे "बिहार का शेर" भी कहा जाता है) एक बार फिर से दुनिया का हीरो बन जाता है। Shinchan Movie Masala Story In Hindi